अगर तुम ना होते
अगर तुम ना होते
मां तेरी आंचल ना मिलती
तो हम कहां होते।
रोते हुए आए जग में,
अब ऐसे ना हंसते।
अगर तुम ना होते तो,
चैन से कैसे सोते।
जब से आए जग में,
मां तूने हमें संभाली।
पिता ने कंधे पर बिठाया,
संसार को दिखाएं।
भाई बहनों के संग संग में,
जिंदगी के पल बिताए।
गुरुजी ने जिंदगी का,
तजुर्बा हमें सिखाया।
बहा कर ज्ञान की गंगा,
उस लायक हमें बनाया।
दुनिया को दिखा सकूं मैं,
प्रेरणा भरी परिचय।
अगर तुम ना होते,
तो जीने का क्या था आशय।
यह अद्भुत लीला प्रभु की,
सबके बीच में हमें मिलाया।
खुश होकर के हमको,
सबने है अपनाया।
अगर तुम ना होते,
तो हम कैसे होते।
डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार
Mohammed urooj khan
06-Nov-2023 12:38 PM
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